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लव जिहाद और बेटियों की हत्या

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  लव जिहाद वर्तमान समय और परिस्थितियों में भयावक और बहुत ही ज्यादा खतरनाक साबित हो गया है ... ! लव जिहाद लव जिहाद या रोमियो जिहाद, कथित रूप से मुस्लिम/क्रिश्चियन पुरुषों द्वारा हिंदू समुदाय  से जुड़ी महिलाओं को इस्लाम धर्म में परिवर्तन के लिए लक्षित करके प्रेम का ढोंग रचना है। भारत में लव जिहाद की पहली घटना 2009 में केरल और फिर कर्नाटक में ध्यान खिंच पाई । लव जिहाद में मुस्लिम समुदाय के पुरुष जबरदस्तीकरके हिन्दू धर्म की लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाकर उन्हें इस्लाम को मानने और उसके हिसाब से रहने के लिए मजबूर करते है । हालिया घटनाओं में देखा गया है कि किसी महिला द्वारा मना करने पर ये लोग उन महिलाओं को सरेआम कत्लेआम कर देते है । यहाँ सभी बुद्धिजीवी वर्ग चुप रहेगा अपनी तख्तियों को अपने घर में छुपाकर रख देते है जो उनके हिन्दू धर्म को अपमानित करने और उसके विरुद्ध काम में ली जाती है ।  निकिता को तौसीफ के द्वारा जबरदस्ती निकाह करने को लेकर मना करने पर सरेआम गोली से उड़ा दिया गया । निकिता ने तो मना करके अपना जीवन कुर्बान कर दिया । पर हर कोई ऐसा नही कर पाता ...

बिहार चुनाव 2020

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 लोकतंत्र मतलब जनता का जनता के लिए जनता के द्वारा चलाया जाने वाला शासन सिर्फ किताबो में पढ़ने और सुनने में ही अच्छा लगता है । जमीनी हकीकत से कोसो दूर हर बार की तरह इस बार फ़िर बिहार में 5 साल के कार्यकाल के लिए रणभेरी और उसका शंखनाद बज चुका है फर्क सिर्फ इतना है कि 2020 में ये चुनाव हो रहा है । जी हां 2020 और कोरोना काल दोनों ही एकदूसरे के पर्यायी बन गए है , उसी कोरोना काल में बिहार में हो रहे है विधानसभा चुनाव। यहाँ मुख्य चुनावी पार्टिया है भाजपा + जनता दल यूनाइटेड+ हम नीत एनडीए और सामने है राष्ट्रिय जनता दल + कांग्रेस नीत महागठबंधन । बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में बिहार की 243 सीटों के लिए  को हुई मतगणना में बिहार की जनता ने एक बार नीतीश कुमार पर भरोसा जताया था। नीतीश नीत महागठबंधन ने तमाम एक्जिट पोल और अटकलों को झुठलाते हुए 178 सीटों पर सफलता हासिल कर राज्य में एक बार फिर अपनी सत्ता कायम की थी। लालू यादव ने भी ऐलान कर दिया था कि राज्य की बागडोर नीतीश कुमार ही संभालेंगे।  फ़िर कुछ समय बाद महागठबन्धन से नितीश कुमार ने अपने आप को अलग करके एनडीए सरकार के साथ मिलकर खुद क...

मूंगेर और जनरल डायर लिपि सिंह

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माँ दूर्गा की पूजा और उसका विसर्जन हमेशा से हिन्दू संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है ...! परन्तु इस बार कोरोना के नाम पर हर सरकार अपनी अपनी गाइड लाइन जारी करके अपने हिसाब से सब कुछ कर रही है ।  बिहार के मूंगेर की हालिया घटना बहुत चिंताजनक और निंदनीय है ।  अपने आप को हिंदुत्व और हिन्दू के लिए मरने मिटने वाली भाजपानीत जनता दल यूनाइटेड की सरकार में एक ऐसा काला और दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय जोड़ा गया है ।जिसको न भूला जा सकता है और न उन निहत्थे दुर्गा पूजा की सेवा करने वाले हिन्दुओ को मार डालने के लिए जनरल डायर की भूमिका वाली मूंगेर की SP लिपि सिंह ।  जी हां , सही सुना है आपने यह वही लिपि सिंह है जो बिहार के मुख्यमंत्री के करीबी और उन्ही के पार्टी के नेता और राज्य सभा सांसद आर पी सिंह की बेटी । जिसने एक पल के लिए भी नही सोचा की वो इन पूजा कर रहे लोगों पर गोली चलाने का आदेश दे रही है । आज उन लोगो के साथ कोई तख्ती वाला या भाजपा वाला खड़ा नही दिख रहा है । यही अगर केरल या बंगाल में होता तो भाजपा का हिंदुत्व जाग जाता ।  क्या इस निर्दयी जनरल डायर पर कोई कार्यवाही करेगी बिहार सरकार ? ...

कोरोना और निजी अस्पताल

कोरोना या वुहान वायरस अब नाम इतना सुन चुके है कि लगता है कि अब ये हमारे जिंदगी का एक हिस्सा बन गया हो । जब भारत देश में 31 जनवरी को पहला केस दर्ज हुआ था तब से आज 15 जुलाई तक देश ने 9 लाख 65 हजार तक का आँकड़ा पार कर लिया। इसी बीच में लगभग 25 हजार भारतीयों ने इस वुहान वायरस से दम तोड़ लिया है । चीन अपने काम में सफल रहा ।क्या तो आज अमेरिका क्या भारत सब जगह चीनी वुहान वायरस का बहुत बड़ा प्रभाव हर नागरिक के जीवन उनके रहन सहन उनके आर्थिक स्थिति पर पड़ा है ।  परन्तु इन सब से ऊपर भारत में लॉक डाउन में की गई सरकारी तैयारियों के कारण जो मृत्यु दर 3 से कम है वो ख़ुशी की बात है । कोरोना वॉरियर्स को सलाम है ..।  देश हर उस वॉरियर्स का सदैव ऋणी रहेगा जिसने अपने जान की परवाह न करते हुए हरदम देश के हर उस नागरिक के साथ खड़ा रहा जो कोरोना के खिलाफ शारीरिक हो या हो मानसिक लड़ाई लड़ रहा है । कोरोना वॉरियर्स उसमें अग्रणी भूमिका में रहा ।  परन्तु इन सब से परे एक बात जो ध्यान देने योग्य है वो है निजी अस्पताल में कोरोना से मौत का आंकड़ा और उसके बाद किया गया उनका अंतिम संस्कार। सब शक को और गहरा करते है ...

लॉकडाउन अनलॉकडाउन

लॉकडाऊन अनलॉक के बीच पेंडुलम बन गई है जिंदगी। पहले अचानक लॉकडाउन, फिर उसे चार बार बढ़ाना, फिर उसमें ढील। जब देश में लगभग 500 केस थे कोरोना के तब लॉकडाउन पूरे देश में लगा था जो लगभग 4 लाख केस आने तक रहा  फिर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई ...!  लोगो को सरकारे समझा सकती है घर में बांध के नही रख सकती ...! लोगो को समझना पड़ेगा फेस मास्क, सोशिअल डिस्टेंसिंग और हाथ धोना कितना जरुरी है ।  कोरोना वैक्सीन तो दूर की कौड़ी नजर आ रही है । समय बीत रहा है केस दोगुनी रफ़्तार से बढ़ रहे है ..!  रिकवरी रेट अच्छी है पर मृत्यु भी हो रही है  आज रोज के 500 + औसत  मौत हो रही है भारत में । तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण दोबारा पहले के मुकाबले सख्ती से लॉकडाउन।  जीवन अब बिखरने लगा है। नौकरी कमाई तो दूर की बात है, सामान्य जीवन जीना भी मुश्किल होता जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना हो या गैस सिलेंडर 3 महीने तक देना हो ...! सब उनके लिए हो रहा है जो गरीब है ये एक स्वागत योग्य कदम है और सराहनीय भी ..! पर बार बार लॉकडाउन और अनलॉक डाउन की प्रक्रिया ने...

अवसाद और आत्महत्या

लाइम लाइट और चकाचौंध में जो जितना ज्यादा भीड़ से घिरा होता है उतना ज्यादा अकेला होता है...आत्महत्या किसी बात का समाधान तो नहीं...लोग खप जाते है संघर्ष करते करते पर हिम्मत न हारते..स्ट्रांग बनिये, औरों के लिए न सही अपने लिए अपने हीरो बनिये  गरीब मजदूर इतनी परेशानी में पैदल चलकर भी जिंदगी जीने की जद्दोजहद कर रहे हैं और ये हाई फाई लोग थोड़े उतार चढ़ाव में ही मौत को गले लगा लेते हैं फैशन ओर ग्लेमर की दुनिया को मानसिक स्वस्थता के लिए आध्यात्म से रुबरु होना जरुरी ताकि आत्मबल के माध्यम से कमजोर क्षणों में टूटने से बचें.! बेहद दुःखद था सुशांत सिंह का युह चले जाना यह सिर्फ़ एक नौजवान नें आत्महत्या नहीं की है बल्कि युवा पीढ़ी पर भौतिकवाद व अति महत्वकांक्षा के बढ़ते दबाव नें दम तोड़ा है।समाज और भारतीय संस्कृति को पुनरावलोकन व आत्मविश्लेषण की महती आवश्यकता है। ईश्वर परिवार व उनके चाहनें वालों को शक्ति प्रदान करें।  घटना दुःखद है लेकिन इनका ये कदम कायराना है जीवन में बहुत उतार चढ़ाव आते हैं चुनौतियों का सामना करना आना चाहिए अस्थाई समस्याओं से भागने का सरल तरीका है,ऐसे इंसान अपने पीछे अनेको...